Sunday, May 10, 2020

मुक्तक: जिधर देखो उधर चर्चा .........

मुक्तक
जिधर देखो उधर चर्चा, करोना की ही घर- घर में,
बहुत आतंक फैलाया, इसी कोविड ने घर-घर में,
मेरे आँगन में आ करके, दो पंछी बात करते हैं,
जो हमको कैद करते थे, वो खुद ही कैद हैं घर में।

---- मुकेश पाण्डेय "जिगर"

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